About Us


किसी भी देश के विकास और समृद्धि के लिए शिक्षा का महत्व हम सभी जानते हैं। बच्चों को शिक्षित करने में शिक्षक की भूमिका अत्यधिक महत्वपूर्ण होती है। जनपद के 6 से 14 आयुवर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने हेतु योग्य शिक्षकों के निर्माण की प्रक्रिया संस्थान द्वारा की जाती है।

जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान, जनपद लखनऊ के निशातगंज क्षेत्र में प्रारमिभक शिक्षा विभाग के कैम्पस में राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के सामने सिथत है। इस संस्थान की स्थापना 11 जून, 1990 में हुयी थी। तब से अब तक यह संस्थान प्रारमिभक शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। संस्थान में निम्नलिखित सात विभाग हैं - सेवापूर्व, सेवारत, जिला संसाधन इकार्इ, कार्यानुभव पाठयक्रम एवं मूल्यांकन विभाग, शैक्षिक तकनीकी विभाग तथा प्रबन्ध नियोजन विभाग। संस्थान के अन्तर्गत जनपद के आठ विकासखण्ड तथा नगर क्षेत्र के चार जोन के समस्त परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विधालयों के शिक्षकों की गुणवत्ता संवर्धन हेतु अनेकों कार्य किये जाते हैं। यथा शिक्षक प्रशिक्षण, विधालयों का अनुश्रवण, सत्र परीक्षाओं का संचालन आदि।

परिषदीय प्राथमिक विधालयों में शिक्षण कार्य करने के इच्छुक महिला एवं पुरूष निर्धारित चयन प्रक्रिया से गुजरने के पश्चात संस्थान में द्विवर्षीय बी0टी0सी0 (बेसिक ट्रेनिंग सर्टिफिकेट) प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। इस दौरान इन्हें बाल-मनोविज्ञान, बच्चों को पढ़ाने के तौर-तरीके, अभिभावकों व समुदाय के व्यकितयों के साथ सामन्जस्य बनाना, शिक्षक के दायित्व व कत्र्तव्य आदि के बारे में विस्तार से बताया जाता है। यह प्रशिक्षण सेमेस्टर प्रणाली पर आधारित है। चौथे (आखिरी) सेमेस्टर में इन्हें विधालयों से सम्बद्ध कर इन्टर्नशिप करायी जाती है, जिसके पश्चात इन्हें बी0टी0सी0 का सर्टिफिकेट प्रदान किया जाता है। तत्पश्चात वे टीचर इलीजिबिलिटी टेस्ट (टी0र्इ0टी0) में उत्तीर्ण होकर पूर्णतया शिक्षक बनने के योग्य हो जाते हैं तथा परिषदीय प्राथमिक विधालयों के शिक्षक बन जाते हैं। वर्तमान में बी0टी0सी0 प्रशिक्षण के दो बैच-2011 एवं 2012 संचालित हो रहे हैं, जिसमें क्रमश: 168 तथा 200 प्रशिक्षु प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

वर्तमान समय में संस्थान द्वारा परिषदीय प्राथमिक विधालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों का दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से बी0टी0सी0 प्रशिक्षण का आयोजन किय जा रहा है, जिसमें 2140 शिक्षामित्र प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। शिक्षण प्रशिक्षण में प्ब्ज् का प्रयोग करते हुए हम पूर्व निर्मित ब्क्श्े का प्रयोग करते हैं।

हमारे संस्थान में मण्डलीय माइक्रोसाफ्ट कम्प्यूटर लैब स्थापित है, जिसके अन्तर्गत चार मण्डलों कानपुर, बरेली, फैजाबाद और लखनऊ मण्डल के खण्ड शिक्षा अधिकारी, समन्वयक तथा शिक्षकों को दस दिवसीय कम्प्यूटर प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

वर्तमान सत्र में अब तक 318 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। सभी प्रशिक्षु समय पर संस्थान में आये व पूरे समय संस्थान में उपसिथत रहकर प्रशिक्षण प्राप्त करें, इसके लिए बायोमैटि्रक उपसिथत की व्यवस्था की गर्इ है। संस्थान में विशेष स्थानोंप्रशिक्षण कक्षों में सी.सी.टी.वी. कैमरे की व्यवस्था है, जिससे संस्थान का अनुशासन बनाये रखने में मदद मिलती है।

संस्थान द्वारा प्रतिवर्ष विभिन्न पत्रिकायें प्रकाशित की जाती हैं यथा ''प्रगति आख्या (वर्ष भर किये कार्यों का विवरण) उपलबिध, साहितियक पत्रिका विभिन्न प्रशिक्षणों की विस्तृत आख्या, प्रशिक्षण साहित्य यथा प्राथमिक स्तरीय संगीत शिक्षक प्रशिक्षण माडयूल, कला शिक्षक प्रशिक्षण माडयूल आदि हमारे संस्थान में पुस्तकालय का डिजिटलीकरण हो रहा है।

हमारे शिक्षकों के बारे में सम्पूर्ण लेखा जोखा रखने के लिए टी.टी.एम.एस. (टीचर ट्रेनिंग मैनेजमेन्ट साफ्टवेयर) बनाया है, जिसमें जनपद के प्रत्येक शिक्षक की सम्पूर्ण शैक्षिक योग्यता, रूचि के क्षेत्र व उनके द्वारा प्राप्त प्रशिक्षणों का विवरण है। यह डाटा बेस का एक अदभुत नमूना है इसमें मा0 स्तर के शिक्षकों का भी विवरण संकलित किया जा रहा है।

संस्थान में नवाचार के रूप में प्रदेश का पहला ''वर्डसवर्थ इंगिलश लैंग्वेज लैब का निर्माण किया है, जिसके अन्तर्गत शिक्षक अंग्रेजी का सही उच्चारण तथा व्याकरण सम्बन्धी अनेकों जानकारियाँ प्राप्त करते हैं। विज्ञान प्रयोगशाला में अन्य उपकरणों के साथ-साथ प्रशिक्षुओं द्वारा बनाये गये वर्किंग व नान-वर्किंग माडल्स का प्रदर्शन किया गया है।

जनपद के समस्त परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विधालयों में कार्यरत शिक्षकोंं को शिक्षण कार्य करते समय अनेकों अकादमिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उनके समाधान के लिए उन्हें प्रशिक्षण प्रदान किया जाताहै। प्रशिक्षण के माध्यम से ही नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा के अधिकार में निहित बच्चों के हित के बारे में जानकारी दी जाती है, नवीन विधाओं से परिचित कराया जाता है तथा उनकी विषयगत समस्याओं का निराकरण किया जाता है। वर्तमान सत्र में कुल 7000 (सात हजार) शिक्षकशिक्षिकाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है।

संस्थान समय-समय पर विधालयों की गुणवत्ता जानने के लिए विधालयों का अनुश्रवण करता है तथा शिक्षकों को अकादमिक अनुसमर्थन प्रदान करता है। संस्थान विकासखण्ड स्तरीय प्रशिक्षणों, कस्तूरबा गाँधी आवासीय बालिका विधालयों तथा विकासखण्ड स्तर पर शिक्षामित्रों के प्रशिक्षण का भी अनुश्रवण करता है।

संस्थान की भव्य इमारत के अन्तर्गत दो बड़े प्ब्ज् से सुसजिजत प्रशिक्षण हाल, तीन प्रशिक्षण कक्ष जिसमें से एक प्ब्ज् से सुसजिजत, विज्ञान कक्ष, गणित कक्ष, वाचनालय कक्ष, कार्यानुभव कक्ष, प्राचार्य व उपप्राचार्य कक्ष, कार्यालय कक्ष, स्टाफ कक्ष, कैण्टीन व डाइनिंग कक्ष, माइक्रोसाफ्ट लैब तथा पूर्व प्राथमिक शिक्षा कक्ष ;म्ब्ब्म्द्ध है। संस्थान में वाटर कूलर, एयर कंडीशन, जेनेरेटर आदि की भी सुविधायें हैं।

हमारे लिए गौरव की बात है कि संस्थान की प्राचार्य ललिता प्रदीप को विकलांग कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश की ओर से राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है एवं 6 संकाय सदस्यों को राज्य शिक्षक पुरस्कार अनुसार प्राप्त हुए हैं जो निम्नलिखित हैं-

  • वर्ष 2002 श्रीमती शहनाज सिíीकी
  • वर्ष 2003 श्रीमती साधना गुप्ता
  • वर्ष 2005 श्री एम.आर. त्यागी
  • वर्ष 2006 सुश्री सुनीति शर्मा
  • वर्ष 2007 श्रीमती मुन्नी देवी पालीवाल
  • वर्ष 2009 श्रीमती वीना चौहान